उत्तराखंड की राजनीति में एक नया चेहरा धीरे-धीरे उभरता दिखाई दे रहा है। यह चेहरा है पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता रमेश पोखरियाल निशंक की सबसे छोटी बेटी विदुषी निशंक का, जो हाल के दिनों में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक और राजनीतिक सक्रियता के चलते चर्चा का विषय बनती जा रही हैं।
बीते वर्ष मसूरी नगर पालिका अध्यक्ष पद को लेकर विदुषी निशंक का नाम चर्चाओं में आया था। इसकी एक बड़ी वजह यह भी रही कि उनका ससुराल मसूरी में है, और उनके ससुर स्वयं नगर पालिका अध्यक्ष रह चुके हैं। राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने के साथ-साथ विधुशी भी लगातार सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी करती रही हैं, जिसने उनकी छवि को एक सक्रिय और संवेदनशील युवा नेतृत्वकर्ता के रूप में उभारा है।
विदुषी निशंक डोईवाला क्षेत्र में भी अपने एनजीओ के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर काम करती नजर आई हैं। उनके कार्यक्रमों में युवाओं और महिलाओं की बड़ी भागीदारी यह दर्शाती है कि वे जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत कर रही हैं। हाल ही में उनका पौड़ी गढ़वाल दौरा भी सुर्खियों में रहा, जहाँ वे निजी पारिवारिक यात्रा पर गई थीं लेकिन वहां उन्होंने जनसंपर्क अभियान में भी सक्रियता दिखाई। लोगों से संवाद, क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा और सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी ने राजनीतिक गलियारों में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ये गतिविधियाँ 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी का हिस्सा हैं?
भाजपा के भीतर भी यह माना जा रहा है कि पार्टी नई और युवा नेतृत्व को आगे लाने की दिशा में काम कर रही है, और विदुषी निशंक की सक्रियता उसी रणनीति का हिस्सा हो सकती है। उनके परिवार की राजनीतिक विरासत, सामाजिक कार्यों में उनकी भागीदारी और जनता से जुड़ाव – यह सभी संकेत किसी बड़े राजनीतिक कदम की ओर इशारा कर रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि क्या विदुषी निशंक आने वाले समय में उत्तराखंड की राजनीति में एक नई और मजबूत महिला चेहरे के रूप में उभरती हैं या नहीं, लेकिन एक बात तय है – उन्होंने अपनी मौजूदगी का अहसास कराना शुरू कर दिया है।

