देहरादून, 29 अप्रैल 2026: केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के निर्देश पर राज्य में 30 अप्रैल से 22 मई 2026 तक स्वच्छ सर्वेक्षण आयोजित किया जाएगा। इसको लेकर शहरी विकास विभाग और सभी नगर निकायों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सर्वेक्षण के पहले चरण में भारत सरकार द्वारा नामित एजेंसी इप्सोस रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड जमीनी स्तर पर विभिन्न मानकों के आधार पर मूल्यांकन करेगी।
इस दौरान शहरों की रैंकिंग 12 प्रमुख सूचकांकों के आधार पर तय की जाएगी। इनमें दृश्य स्वच्छता, कचरे का पृथक्करण और उसका संग्रहण-परिवहन, ठोस अपशिष्ट का निस्तारण, स्वच्छता सुविधाएं, जल प्रबंधन, डिस्लजिंग सेवाओं का मशीनीकरण, जन जागरूकता, संस्थागत व्यवस्था, स्वच्छता कर्मियों का कल्याण, नागरिक फीडबैक और शिकायत निवारण जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। इसके अलावा कचरा मुक्त शहर, ओडीएफ+, ओडीएफ++ और वाटर+ जैसे मानकों को भी ध्यान में रखा जाएगा।
स्वच्छता अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए “बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ-साथ” थीम पर विशेष जोर दिया जा रहा है। राज्य के 100 से अधिक नगर निकाय इस सर्वेक्षण में हिस्सा लेंगे और सभी ने अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 7 अप्रैल से 13 अप्रैल तक राज्यभर में व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान सैकड़ों सार्वजनिक स्थलों, मुख्य मार्गों, बाजारों, पार्कों, धार्मिक स्थलों, बस-रेलवे स्टेशनों और सामुदायिक शौचालयों में सफाई कार्य किया गया।
वहीं, सर्वेक्षण में जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से सिटिजन फीडबैक ऐप भी लॉन्च किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी राय और सुझाव दर्ज कर सकते हैं।

