उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बर्तवाल आज अन्य राज्य आंदोलनकारियों के साथ मसूरी की वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी सुभाषनी बर्तवाल के आवास पहुंचे। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहीं सुभाषनी बर्तवाल वर्तमान में व्हीलचेयर पर हैं। प्रतिनिधिमंडल ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
इस दौरान सुभाष बर्तवाल ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष और त्याग के कारण ही आज राज्य का गठन संभव हो पाया है। ऐसे आंदोलनकारियों की अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने आश्वस्त किया कि सुभाषनी बर्तवाल को सरकार से आवश्यक सहायता दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
गौरतलब है कि मसूरी की सुभाषनी बर्तवाल उत्तराखंड राज्य आंदोलन की उन चुनिंदा और साहसी महिला आंदोलनकारियों में शामिल रही हैं, जिन्होंने आंदोलन को निर्णायक दिशा दी। वे पूरे उत्तराखंड की एकमात्र महिला आंदोलनकारी हैं जिन्हें राज्य आंदोलन के दौरान सीबीआई मुकदमे में जेल जाना पड़ा। आंदोलन के समय उन्होंने मसूरी में संघर्ष को चरम पर पहुंचाया और कई बार जेल भी गईं।
राज्य आंदोलनकारियों ने कहा कि सुभाषनी बर्तवाल जैसे संघर्षशील सेनानियों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके सम्मान, स्वास्थ्य और देखभाल की जिम्मेदारी सरकार और समाज दोनों की है।इस मौके पर उनके परिवार सहित मसूरी के उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष देवी गोदियाल, महासचिव नरेंद्र पड़ियार भी मौजूद रहे

