मसूरी में राज्य आंदोलनकारियों ने मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल और विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी के खिलाफ प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों का आरोप है कि मंत्री अग्रवाल ने विधानसभा में पहाड़ियों को ‘साले पहाड़ी’ कहकर अपशब्द कहे, और अध्यक्ष खंडूरी ने उन्हें बचाव किया। इसके विरोध में आज शहीद स्थल पर प्रदर्शन किया गया, और मुख्यमंत्री से इन दोनों को उनके पद से हटाने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारी प्रदीप भंडारी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के पास मंत्री या विधायक के भाषण पर नियंत्रण की शक्ति होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि अग्रवाल के अमर्यादित शब्दों के बावजूद खंडूरी ने कोई कार्रवाई नहीं की। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही इन दोनों को पद से नहीं हटाया गया, तो राज्य में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
आंदोलनकारी देवी गोदियाल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पहाड़ और मैदान के बीच में तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है, ताकि लोगों का ध्यान अन्य मुद्दों से हटाया जा सके। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे मंत्री अग्रवाल और खंडूरी को तुरंत उनके पद से हटाएं, अन्यथा उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।
इस दौरान आंदोलन में कई प्रमुख लोग शामिल हुए, जिनमें आर. पी. बडोनी, श्रीपति कंडारी, उक्रांद अध्यक्ष नितेश भट्ट और अन्य लोग शामिल थे।