मसूरी – हिल स्टेशन के नाम से मशहूर मसूरी में बीते कुछ वर्षों से एक नया कारोबार तेजी से पैर पसार रहा है – ‘स्पा सेंटर’। लेकिन यह कारोबार अब संदेह के घेरे में है क्योंकि शहर में बड़ी संख्या में ऐसे स्पा सेंटर खुल गए हैं जो न केवल नियमों की अवहेलना कर रहे हैं, बल्कि रिहायशी इलाकों की शांति और सुरक्षा के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं।स्थानीय निवासियों की मानें तो ये स्पा सेंटर असल में देर रात तक संचालित होते हैं, कुछ तो रात के 2:30 से 3:00 बजे तक खुले रहते हैं, जो स्वयं में कई सवाल खड़े करता है। कई स्पा रिहायशी संपत्तियों में खुले हैं, जिन्हें बिना किसी अनुमति के व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे न केवल आसपास रहने वाले लोगों को असुविधा होती है बल्कि कानूनी रूप से भी यह पूरी तरह गलत है।
नियमों की अनदेखी, फिर भी मिल रहा लाइसेंस?
स्पा सेंटर खोलने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं:
न्यूनतम फ्लोर एरिया 900 वर्गफीट
भवन की न्यूनतम ऊंचाई 9 फीट
मसाज टेबल के लिए 50 वर्गफीट जगह
हवादार और स्वच्छ परिसर
मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट
संपत्ति के स्वामित्व, किराये व संरचनात्मक प्रमाणपत्र
कन्वर्ज़न और पार्किंग शुल्क का भुगतान
लाइसेंस फीस और पंजीकरण की प्रक्रिया
इन मानकों का पालन करना हर स्पा संचालक के लिए अनिवार्य है, लेकिन मसूरी के कई स्पा इन सभी नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। हैरानी की बात ये है कि इसके बावजूद इन्हें लाइसेंस मिल कैसे रहा है? और क्यों प्रशासन इन पर कार्रवाई करने से पीछे हट रहा है?
स्थानीयों का बढ़ता आक्रोश, प्रशासन से सवाल
मसूरी के कई निवासियों ने बताया कि वे समय-समय पर इन स्पा सेंटरों के खिलाफ शिकायतें दर्ज करवा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। रिहायशी इलाकों में अजीबोगरीब गतिविधियां, संदिग्ध आवाजाही और देर रात तक खुला रहना, यह सब इस बात की ओर इशारा करता है कि इन स्पा सेंटरों के पीछे कोई और ही खेल चल रहा है।
प्रशासन को जगाना होगा
अब समय आ गया है कि मसूरी प्रशासन जागे और इस संदिग्ध चलन पर लगाम लगाए। यदि नियमों के विरुद्ध कोई भी स्पा संचालित हो रहा है, तो उसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए और संचालकों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
क्या मसूरी की शांति यूं ही बिकती रहेगी? क्या नियम-कानून केवल आम जनता के लिए हैं? क्या प्रशासन स्पा मालिकों की आड़ में अपनी आंखें बंद रखेगा?

