देहरादून। हिमालय के संरक्षण और पर्यावरण के हित में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 11 व्यक्तियों को मंगलवार को ‘हिन्दुस्तान’ अखबार की ओर से आयोजित एक विशेष समारोह में ‘हिमालय हितैषी’ सम्मान से नवाजा गया। यह आयोजन देहरादून में हुआ, जिसमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मानों को प्रदान किया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय सिर्फ एक पर्वत श्रृंखला नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि “हिन्दुस्तान” अखबार द्वारा 2012 में शुरू किया गया ‘हिमालय बचाओ अभियान’ अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है, जो लोगों में पर्वतराज हिमालय की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ा रहा है।
समारोह में प्रदेशस्तरीय भाषण प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को भी सम्मानित किया गया, जो ‘हिमालय बचाओ’ अभियान के तहत आयोजित की गई थी।
विपिन कुमार को मिला ‘हिमालय हितैषी’ सम्मान
मसूरी निवासी विपिन कुमार, जो पूर्व शिक्षक रह चुके हैं, को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनके अनुकरणीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने हिमालयी क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए विशेष पहल की। साथ ही उन्होंने कचरा प्रबंधन (वेस्ट मिनिमाइजेशन) पर जोर देते हुए जोशीमठ जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में जागरूकता और क्रियान्वयन की दिशा में प्रभावी कार्य किए।
इसके अलावा नैनीताल की झीलों के संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों को भी काफी सराहा गया। उनके कार्यों से स्थानीय लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ी है।

