मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया: रोवविल स्थित ऑस्ट्रेलियन इंडियन कम्युनिटी सेंटर से महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा के क्षतिग्रस्त कर चोरी किए जाने की घटना के बाद ऑस्ट्रेलियन मल्टीकल्चरल ऑर्गनाइज़ेशन नेटवर्क (AMON) ने विभिन्न समुदायों के नेताओं की एक आपात बैठक बुलाई। इस घटना ने विक्टोरिया की बहुसांस्कृतिक आबादी में गहरा आक्रोश और चिंता पैदा की है।
करीब 420 किलोग्राम वज़नी यह प्रतिमा वर्ष 2021 में तत्कालीन ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और मेलबर्न में भारत के तत्कालीन महावाणिज्यदूत राज कुमार द्वारा अनावरण की गई थी। यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि शांति, सह-अस्तित्व और अहिंसा के मूल्यों का प्रतीक मानी जाती थी।
बैठक की अध्यक्षता AMON के अध्यक्ष मनोज कुमार ने की। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएँ समाज में विभाजन पैदा करने का प्रयास करती हैं, लेकिन समुदाय एकजुट होकर इसका शांतिपूर्ण और सकारात्मक जवाब देगा। उन्होंने सभी उपस्थित संगठनों और प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने एक स्वर में इस कृत्य का विरोध किया।
मनोज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि गांधीजी के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं और इस प्रकार की घटनाएँ उन मूल्यों को कमजोर नहीं कर सकतीं। उन्होंने जोर दिया कि समुदाय कानून और व्यवस्था पर भरोसा रखता है और न्याय की उम्मीद करता है।
बैठक में उपस्थित सभी नेताओं ने विक्टोरिया पुलिस और संबंधित एजेंसियों से मांग की कि मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए तथा प्रतिमा को पुनः उसी स्थान पर स्थापित किया जाए।
कार्यक्रम का समापन महात्मा गांधी की स्मृति में सामूहिक प्रार्थना के साथ हुआ, जिसमें सभी धर्मों और पृष्ठभूमियों के लोगों ने भाग लिया। यह आयोजन शांति, सद्भाव और एकता के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का संदेश लेकर समाप्त हुआ।
उपस्थित प्रमुख प्रतिनिधि
बैठक में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सामुदायिक संगठनों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें AMON, श्री पशुपतिनाथ मंदिर विक्टोरिया, हिंदी शिक्षा संघ विक्टोरिया, दाऊदी बोहरा समुदाय, आनंद मार्ग, ऑस्ट्रेलिया इंडिया सोसाइटी ऑफ विक्टोरिया, विवेकानंद सोसाइटी ऑफ ऑस्ट्रेलिया सहित अन्य संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे। मीडिया और सोशल मीडिया प्रतिनिधियों ने भी इस अवसर पर भागीदारी निभाई।

