मसूरी में बच्चों और युवाओं के लिए मिक्स मार्शल आर्ट (एमएमए) की विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला मसूरी स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित की गई, जिसमें गुड़गांव, हरियाणा से आए एमएमए कोचों ने बच्चों को प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों को आत्मरक्षा के गुर सिखाने के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास बढ़ाना, मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाना तथा नेतृत्व क्षमता का विकास करना था।
कार्यशाला के दौरान एमएमए कोच प्रशांत बिष्ट और अभिश्री ने प्रतिभागी बच्चों को मिक्स मार्शल आर्ट की बारीकियां सिखाईं। उन्होंने बताया कि मसूरी में पहली बार एमएमए की इस तरह की पहल की जा रही है। अभिश्री ने कहा कि एमएमए केवल एक खेल नहीं बल्कि एक जीवनशैली है, जो व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाती है। उन्होंने बताया कि इसमें असली मुकाबला किसी दूसरे से नहीं बल्कि अपने शरीर और अपने मन से होता है।
राष्ट्रीय स्तर के एमएमए कोच प्रशांत बिष्ट ने बताया कि मिक्स मार्शल आर्ट में बॉक्सिंग, किक बॉक्सिंग और रेसलिंग जैसी विभिन्न मार्शल आर्ट तकनीकों का मिश्रण होता है। उन्होंने कहा कि इसमें तय नियमों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता है और सिर तथा रीढ़ की हड्डी पर प्रहार की अनुमति नहीं होती।
उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण में किसी भी आयु वर्ग के लोग भाग ले सकते हैं, चाहे बच्चे हों, महिलाएं हों या वरिष्ठ नागरिक। कार्यशाला के दौरान उपस्थित बालक-बालिकाओं ने वार्मअप के बाद एमएमए के बेसिक तकनीकों का अभ्यास किया और आत्मरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं।

